यूके और ईयू ने बड़ी डील के लिए भारत की तरफ बढ़ाए कदम, बांग्लादेश को झटका लगना तय

Updated on 13-01-2026 02:27 PM
नई दिल्ली: भारत के यूके और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ बढ़ते व्यापारिक रिश्ते रंग दिखाने लगे हैं। भारत व यूके और भारत व ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम मंजूरी बहुत जल्द मिल सकती है। ऐसे में यूके और यूरोपीय देशों के बड़े कपड़े ब्रांड्स जैसे मार्क्स एंड स्पेंसर (Marks & Spencer), प्राइमेक (Primark) और नेक्स्ट (Next) भारतीय सप्लायर्स से बातचीत शुरू कर चुके हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार निर्यातकों का कहना है कि खरीदार तमिलनाडु के तिरुपुर जैसे कपड़ा हब में फैक्ट्रियों का निरीक्षण और मूल्यांकन बढ़ा रहे हैं। वे बांग्लादेश में सप्लाई चेन की अनिश्चितताओं और एफटीए के तहत कम टैरिफ की उम्मीद में भारत से सामान खरीदना शुरू करने या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। यूके और ईयू के भारत की ओर कदम बढ़ाने से बांग्लादेश को झटका लगना तय है।

खरीद बढ़ाने की भी तैयारी

तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष केएम सुब्रमण्यन ने बताया कि एमएंडएस (M&S), सीएंडए (C&A), प्राइमेक (Primark), मदरकेयर (Mothercare), नेक्स्ट (Next) और डन्स (Duns) जैसे ब्रांड्स तकनीकी ऑडिट, नई फैक्ट्रियों के मूल्यांकन और अपने मौजूदा सप्लायर्स से और अधिक सामान खरीदने की संभावना तलाशने के लिए तिरुपुर का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो ब्रांड्स पहले से ही भारत से सामान खरीद रहे हैं, वे अपनी खरीद को बढ़ाने के लिए भी उत्सुक हैं।

क्या है भारत-यूके एफटीए डील

  • भारत-यूके एफटीए के तहत भारत के 99% निर्यात पर लगने वाले टैरिफ को खत्म करने का प्रस्ताव है।
  • यह समझौता तभी लागू होगा जब यूके की संसद इसे मंजूरी दे देगी, जिसके अगले कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
  • बांग्लादेश से भारत शिफ्ट होगा कारोबार!

    बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति ने भी यूरोपीय खरीदारों को सामान खरीदने की रणनीति पर फिर से विचार करने और भारत से आयात पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया है। कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विजय अग्रवाल ने कहा कि सीएंडए जैसे खरीदार बांग्लादेश से बड़ी मात्रा में जींस और बॉटम्स खरीदते हैं। अब वे अपनी सोर्सिंग (सामान खरीदने) का कुछ हिस्सा भारत में शिफ्ट करने की संभावना तलाश रहे हैं। कुछ यूके खरीदारों ने भी बांग्लादेश से प्रोडक्शन भारत में ट्रांसफर करने की इच्छा जताई है।
  • बांग्लादेश-भारत में कितना अंतर

    आयात शुल्क के कारण भारत से सामान खरीदना बांग्लादेश की तुलना में महंगा पड़ता है। बांग्लादेश को लगभग 25 सालों से यूरोपीय बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिली हुई है। इसके विपरीत भारतीय परिधान और वस्त्रों पर वर्तमान में ईयू में 12.5% और यूके में 9.6% का शुल्क लगता है। ईयू और यूके के साथ एफटीए लागू होने से भारतीय वस्त्रों और परिधानों पर लगने वाले शुल्क खत्म हो जाएंगे, जिससे भारत बांग्लादेश के बराबर आ जाएगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 16 June 2026
नई दिल्ली: हाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और उसमें गिरावट आई है। इस बीच आरबीआई ने…
 16 June 2026
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह होने की डील (US-Iran Deal) हो गई है। खबर है कि दोनों देशों के बीच 60 दिनों का सीजफायर होने के बाद…
 16 June 2026
नई दिल्‍ली: अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद एक भारतीय लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरा है। यह ऐसा करने वाले शुरुआती बड़े कमर्शियल जहाजों में से…
 16 June 2026
मुंबई: लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी A-1 लिमिटेड ने बताया है कि उसने प्रमुख औद्योगिक घरानों से 35 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए हैं। इससे चालू वित्तीय वर्ष में उसकी…
 15 June 2026
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर और पहले ट्रिलियनेयर बने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का आईपीओ अमेरिकी शेयर मार्केट में लिस्ट हो गया है। इस आईपीओ की लिस्टिंग धमाकेदार…
 15 June 2026
नई दिल्ली: रुपये की कीमत में डॉलर के मुकाबले हाल में काफी गिरावट देखने को मिली। इसे रोकने के लिए आरबीआई ने कई कदम उठाए। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री…
 15 June 2026
नई दिल्ली: अमेरिकी-ईरान के बीच शांति समझौता होने से भारत को भी बड़ी राहत मिलेगी। इस समझौते के बाद मुख्य ईधन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) भी खुल जाएगा।…
 15 June 2026
नई दिल्ली: आपने भी यह कहावत सुनी होगी कि नाम में क्या रखा है। लेकिन नाम की वजह से कुछ नामी-गिरामी कंपनियां खाद्य सुरक्षा क्षेत्र के नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा…
 13 June 2026
नई दिल्ली: एयर इंडिया का एक विमान पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हादसे का शिकार हो गया था। उसके बाद से कंपनी को पिछले एक साल में करीब…
Advt.