ट्रम्प बोले- भारत से ट्रेड डील जल्द होने की उम्मीद:टैरिफ भी कम रहेंगे,

Updated on 03-07-2025 12:39 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उम्मीद जताई है कि भारत-अमेरिका के बीच जल्द ट्रेड डील होगी, टैरिफ भी कम रहेंगे। मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा, भारत के साथ ट्रेड डील कुछ अलग होगी।

भारत टैरिफ के मामले में किसी भी देश को रियायत नहीं देता है। लेकिन मेरा मानना है कि इस बार की ट्रेड डील से दोनों देशों को फायदा मिलने वाला है। ट्रम्प ने डील की डेडलाइन 9 जुलाई रखी है।

डील को लेकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल दो शर्तों पर अडिग

  • पहला- भारत पर ट्रम्प टैरिफ को किसी भी सूरत में 10% या फिर इससे कम ही रखा जाए। ट्रम्प की ओर से अप्रैल में भारत पर लगाए गए 26% टैरिफ को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
  • दूसरा भारत की एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम ईकाई) को अमेरिकी बाजार में अनुकूल हालात मुहैया कराया जाए। इसमें लेदर, गारमेंट, जेम्स-जूलरी और फार्मा मुख्य हैं।

भारत का कहना है कि जीएसपी (जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस) की तर्ज पर भारतीय उत्पादों पर जीरो टैरिफ की कैटेगरी बने। 2019 तक लागू जीएसपी से लगभग 20% भारतीय उत्पादों को टैरिफ नहीं चुकाना पड़ता था।

अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- भारत से लंबित रक्षा सौदे जल्द होंगे

अमेरिकी रक्षा मंत्री कहा है कि भारत के किए गए रक्षा सौदे ज अमेरिका ने भारत को जो रक्षा उपकरण दिए हैं, उनका भारतीय सेना सफलतापूर्वक उपयोग कर रही है।

हेगसेथ ने 10 साल के नए रक्षा समझौते पर जल्द हस्ताक्षर की उम्मीद जताई। हेगसेथ बोले, दोनों देशों में सैन्य सहयोग बढ़ेगा।

साल के आखिर तक फाइनल हस्ताक्षर होने की संभावना

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष इस ट्रेड डील को 2030 तक प्रस्तावित 43 लाख करोड़ (500 अरब डॉलर) के द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की पहली कड़ी मान रहे हैं।

उनका मानना है कि ये डील द्विपक्षीय डील का आधार बनेगी। पीएम नरेंद्र मोदी की फरवरी में अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड 2030 के समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे।

इस साल सितंबर-अक्टूबर तक दोनों देशों के बीच इस पर फाइनल हस्ताक्षर होने की संभावना है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों का कहना है कि व्यापार को बढ़ाने के लिए टैरिफ को घटाने पर साझा कार्रवाई हो।

भारत कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम करेगा

भारत का कहना है कि अमेरिका यदि भारत के साथ वर्तमान में चल रहे व्यापार घाटे को कम करना चाहता है तो उसे कुछ सेक्टरों में भारतीय उत्पादों के लिए बेहतर माहौल देना पड़ेगा।

भारत ने कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ में कमी करने का ऐलान कर भी दिया है। अब अमेरिका के पाले में गेंद है।

जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार यदि 9 जुलाई के बाद भी कई देशों पर ट्रम्प के टैरिफ लागू रहते हैं तो अमेरिकी कर्मचारियों को 7 लाख करोड़ का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।



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