विश्वविद्यालय कॉपी जांचने में गड़बड़ी पर दो प्रोफेसर सस्पेंड:एक अतिथि विद्वान समेत तीन बर्खास्त, जांच के बाद हुई कार्रवाई

Updated on 09-04-2025 12:45 PM

विश्वविद्यालय द्वारा ली गई परीक्षा की कॉपी जांचने में गड़बड़ी और अव्यवस्था के मामले में उच्च शिक्षा विभाग ने पिपरिया कालेज के प्रभारी प्राचार्य और एक प्राध्यापक को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा एक अतिथि विद्वान, एक बुक लिफ्टर और एक प्रयोगशाला परिचारक को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला किया गया है। यह कार्रवाई कॉपी जांचने में हुई गड़बड़ी का वीडियो वायरल होने के बाद कराई गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

शहीद भगत सिंह शासकीय पीजी महाविद्यालय पिपरिया में विश्वविद्यालयीन उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। साथ ही सोशल मीडिया में भी इसका वीडियो वायरल हुआ। इसकी वास्तविकता की जांच के लिए जांच समिति गठित कर जांच कराई गई। समिति ने 3 अप्रैल को दी गई रिपोर्ट में कहा कि पन्नालाल पठारिया प्रयोगशाला परिचारक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा खुशबू पगारे अतिथि विद्वान हिन्दी को आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य किया गया। पठारिया ने अपने बयान में यह स्वीकार किया है कि उत्तर पुस्तिकाएं उसने राकेश कुमार मेहर बुक लिफ्टर से प्राप्त की थीं। साथ ही कॉपी जांचने के लिए 5 हजार रुपए भी लिए थे।

ऐसे सामने आई पूरी कहानी

रिपोर्ट में कहा गया है कि खुशबू पगारे अतिथि विद्वान ने अपने बयान में कहा है कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनके द्वारा राकेश कुमार मेहर बुक लिफ्टर जनभागीदारी समिति के माध्यम से पन्नालाल पठारिया से कॉपी जंचवाई गई है। इस कार्य के बदले पगारे ने राकेश कुमार मेहर को 7 हजार रुपए का नकद भुगतान भी किया है जिसमें 5000 रुपए पन्नालाल पठारिया को दिए जाने की बात कही गई है। पगारे के स्टेटमेंट के बाद बुक लिफ्टर स्थायीकर्मी जनभागीदारी समिति के बयान लिए गए जिसमें उसने 7 हजार रुपए अतिथि विद्वान से लेने और 5 हजार रुपए पठारिया को देने की बात स्वीकार की है।

इन्हें किया गया सस्पेंड

उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा है कि जांच रिपोर्ट में मूल्यांकन कार्य में हुई गंभीर लापरवाही, अव्यवस्था और अनियमितता के लिए महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार वर्मा प्राध्यापक वाणिज्य और मूल्यांकन नोडल अधिकारी, डॉ. रामगुलाम पटेल प्राध्यापक राजनीति शास्त्र प्रथम दृष्टया जिम्मेदार हैं। इसलिए राज्य शासन ने डॉ. राकेश वर्मा और डॉ रामगुलाम पटेल भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिपरिया जिला नर्मदापुरम को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा भोपाल-नर्मदापुरम संभाग तय किया गया है।

इनको किया सेवा से पृथक

शासन द्वारा जारी आदेश में अतिथि विद्वान खुशबू पगारे जनभागीदारी पद, पन्नालाल पठारिया प्रयोगशाला परिचारक जनभागीदारी तथा राकेश कुमार मेहर बुक लिफ्टर स्थायी कर्मी जनभागीदारी को सेवा से पृथक करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके लिए प्राचार्य को निर्देश दिए गए हैं।



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