बांग्लादेश में पश्चिमी देशों के NGO परास्त, जमात के साथ US-UK भी हारे, यूनुस हुए बेमतलब, BNP की जीत के मतलब समझिए

Updated on 13-02-2026 12:49 PM
ढाका: बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी, जिसे अमेरिका ने सीधा समर्थन दे दिया था, वो बुरी तरह से हार गई है। जमात को छात्र नेताओं का समर्थन हासिल था, मोहम्मद यूनुस की मशीनरी पूरा साथ दे रही थी, फिर भी गुरुवार को हुए चुनाव में कट्टरपंथी पार्टी को 50 सीटों पर पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जमात की हार और बीएनपी की जीत का मतलब है कि देश ने कट्टरपंथी विचारधारा को खारिज कर दिया है और बीएनपी को मिली जीत का मतलब है कि मुख्यधारा की पार्टी को ही लोग, देश का भविष्य मान रहे हैं। इसका मतलब है कि शेख हसीना के लिए बांग्लादेश में वापसी का रास्ता बचा हुआ है और आगे जाकर अवामी लीग, एक बार फिर से मुख्यधारा में लौट सकती है।

जमात ए इस्लामी ने अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद खूब हाथ पैर मारे थे। मोहम्मद यूनुस ने जमात के तमाम बड़े नेताओं को, जिनपर आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने के आरोप थे, उन्हें जेल से रिहा कर दिया था। अमेरिकी अधिकारियों ने खुलकर जमात के नेताओं से मुलाकात की, मुस्लिम उम्माह ने भी जमात को विदेशों से फंड पहुंचाया, बावजूद इसके जमात हार गई है। नितिन गोखले, जो जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट हैं, उन्होंने बांग्लादेश चुनाव को लेकर पांच अहम बातों का जिक्र किया है
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत के क्या मायने हैं?
मुख्यधारा की पार्टी में भरोसा- अवामी लीग को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी गई थी। ऐसे में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानि BNP ही एकमात्र मुख्यधारा की पार्टी थी। BNP को बंपर जीत मिलने का मतलब है कि मुख्यधारा की पार्टी पर ही लोगों को भरोसा है। मध्यमार्गी विचारधारा पर ही देश को विश्वास है। BNP को 300 संसदीय सीटों में से 200 से ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है।
महिला वोटर्स ने चुपचाप दिखाया दम
बांग्लादेश की महिला वोटर्स ने जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ खुलकर मतदान किया है। महिला वोटरों के वोटिंग के हिसाब से लग रहा है उन्होंने जमात को सत्ता से दूर रहने के लिए वोट डाला था। अलग अलग इंडस्ट्री की महिलाओं ने बड़ी संख्या में साफ तौर पर BNP को एक बेहतर विकल्प के तौर पर देखा है।
पश्चिमी देशों को झटका- 
बांग्लादेश चुनाव में पश्चिमी देशों की सरकारों और इंटरनेशन NGOs के ग्रुप काफी ज्यादा एक्टिव थे। लेकिन उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद मोहम्मद यूनुस अब बेमतलब हो गये हैं। हालांकि अभी तक पता नहीं चल पाया है कि उनके 'जुलाई चार्टर रेफरेंडम' को कितना समर्थन मिला है, लेकिन US-UK गठबंधन ने यूनुस और जमात को जो पूरा समर्थन दिया था। लेकिन उसका असर कम ही हुआ है।
तारिक रहमान से भारत की बातचीत- 
बांग्लादेश की राजनीति में भारत को शुरूआती झटके लगे थे। लेकिन तारिक रहमान के साथ भारत ने शुरूआती बातचीत की है। उनकी मां, बेगम खालिजा जिया के निधम के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ढाका गये थे और प्रधानमंत्री मोदी ने भी खालिदा जिया को लेकर ट्वीट किए थे। ऐसे में दिल्ली के लिए ढाका में अगली सरकार के साथ एक स्थिर संबंध बन सकते हैं। कम से कम साथ काम करने वाला रिश्ता पक्का होगा। BNP ने भी शेख हसीना के दिल्ली में रहने को लेकर नरमी दिखाई है, जिसका मतलब है कि शायद, तारिक रहमान, शेख हसीना के दिल्ली में रहने को लेकर ज्यादा तुल नहीं देने वाले हैं।
जमात-ए-इस्लामी के लिए थी करो या मरो की स्थिति- 
शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी चुनाव से बाहर थी। ऐसे में मुकाबला सीधे जमात बनाम BNP के बीच था। जमात ने काफी चालाकी से कैंपेन चलाया था और खुद को एक साथ सुधरी पार्टी बताया था। लेकिन वो बांग्लादेश के एक बड़े हिस्से को लुभाने में नाकाम रही। हालांकि इसे सीटें जरूर ज्यादा मिली हैं, लेकिन ऐसा होना ही था क्योंकि चुनाव आमने-सामने का था।

छात्र नेताओं की पार्टी की हवा निकली-
 बांग्लादेश चुनाव की सबसे दिलचस्प बात छात्र नेता रहे हैं, जिन्हें जनता ने बुरी तरह से नकार दिया है। शेख हसीना के खिलाफ विद्रोह करने वाले छात्र नेताओं ने NCP- नेशनल सिटीजन पार्टी का निर्माण किया था, जिसे सीधा मोहम्मद यूनुस का समर्थन था। जमात को फायदा पहुंचाने के लिए इसने उसके साथ गठबंधन भी कर लिया था, लेकिन NCP बुरी तरह से हार गई है। ज्यादातर छात्र नेता चुनाव हार चुके हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
 18 September 2026
इस्लामाबाद: सिंधु जल संधि (IWT) पर भारत को दुनिया का साथ मिलता दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 63वें सत्र के दौरान आयोजित कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं…
 18 September 2026
माले: मालदीव ने गुरुवार को भारत को 150 मिलियन डॉलर का बकाया चुका दिया है। यह रकम 2019 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सुविधा के जरिए ली गई…
 18 September 2026
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में तैनात एक पुलिस अधिकारी का शेख हसीना को लेकर ऑडियो सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारी को तैनाती…
 18 September 2026
काठमांडू: नेपाल ने पिछले महीने आई भयानक बाढ़ चलते हुए तबाही के बाद बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और बहाली के लिए भारत से मदद मांगी है। इसी सप्ताह गुरुवार को…
 18 September 2026
ढाका: झारखंड में अडानी पावर के थर्मल प्लांट में शटडाउन को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने तारिक रहमान के ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली ना आने से जोड़ा है। यह…
 17 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी संसद ने भारी बहुमत से 'रूस बैन बिल' (Lindsey O. Graham Sanctions Act) पारित कर दिया है। इस बिल के पास होने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी…
Advt.