FASTag बैलेंस कम होने पर खुद ही ऐड हो जाएगा पैसा, आरबीआई ने कर दी इसकी व्यवस्था
Updated on
23-08-2024 02:45 PM
नई दिल्ली: RBI ने अपने ई-मैंडेट फ्रेमवर्क में एक अपडेट की घोषणा की है। RBI ने फास्टैग और नैशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) की ऑटो-रिप्लेनिशमेंट को ई-मैंडेट फ्रेमवर्क के तहत शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे यूजर्स FASTag बैलेंस तय सीमा से नीचे जाने पर ऑटोमेटिकली पैसा ऐड कर पाएंगे। मतलब जब बैलेंस ग्राहक द्वारा तय सीमा से कम हो जाता है, तो ई-मैंडेट ऑटोमैटिक रूप से फास्टैग और NCMC की भरपाई कर देगा। ई-मैंडेट फ्रेमवर्क को 2019 में स्थापित किया गया था। इसका मकसद कस्टमर्स को उनके अकाउंट्स से होने वाले डेबिट की जानकारी देकर उनके हितों की रक्षा करना है।
RBI ने एक सर्कुलर में कहा कि फास्टैग और NCMC में बैलेंस की ऑटो-रिप्लेनिशमेंट, जो ग्राहक द्वारा निर्धारित सीमा से कम होने पर ट्रिगर हो जाती है, अब मौजूदा ई-मैंडेट फ्रेमवर्क के तहत आएगी। ये ट्रांजैक्शन रेकरिंग होने के कारण, वास्तविक शुल्क से 24 घंटे पहले ग्राहकों को प्री-डेबिट नोटिफिकेशन भेजने की आवश्यकता से मुक्त होंगे। जून में आरबीआई ने फास्टैग और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को ऑटो पेमेंट मोड में लाने का प्रस्ताव दिया है। मौजूदा ई-मैंडेट ढांचे के तहत ग्राहक के खाते से पैसे निकालने से कम से कम 24 घंटे पहले इसकी सूचना देने की आवश्यकता होती है।
क्या है ई-मैंडेट
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जून में कहा था कि ई-मैंडेट यानी भुगतान के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से मंजूरी के तहत अभी दैनिक, साप्ताहिक, मासिक आदि जैसे निश्चित अवधि वाली सुविधाओं के लिए निश्चित समय पर ग्राहक के खाते से भुगतान स्वयं हो जाता है। अब इसमें ऐसी सुविधाओं और प्लेटफॉर्म्स को जोड़ा जा रहा है जिनके लिए भुगतान का कोई समय तय नहीं है जबकि भुगतान जमा राशि कम होने पर किया जाता है। ई-मैंडेट ग्राहकों के लिए आरबीआई द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल भुगतान सेवा है। इसकी शुरुआत 10 जनवरी, 2020 को की गई थी।
नई दिल्ली: दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज मार्केट वैल्यू के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी है। रिलायंस पांच साल के बॉन्ड इश्यू के जरिए ₹12,500…
नई दिल्ली: सरकार ने ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की घोषणा की है। यह व्यवस्था 15 अक्तूबर से लागू होगी। इससे डिजिटल पेमेंट्स…
नई दिल्ली: क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड, दोनों ही एक पेमेंट कार्ड होते हैं। इनका इस्तेमाल करके लोग शॉपिंग से लेकर टिकट बुकिंग, लोन से लेकर किसी को पेमेंट समेत…
नई दिल्ली: लोग भविष्य के खर्चों और जरूरतों को देखते हुए अपनी सैलरी के कुछ हिस्सों से पैसों की बचत करते हैं। शेयर बाजार से लेकर म्यूचुअल फंड्स तक, बैंक…
नई दिल्ली: सरकार ने ₹2,000 से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4% एमडीआर लगाने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होगी। यूपीआई ने अगस्त 2026…
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट आई। इस कारण अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ में 4.44 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनके…
नई दिल्ली: देश में पैसों की बचत और इनके निवेश के कई सारे विकल्प हैं। इनमें से एक है म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना। मार्केट एक्सपर्ट शेयर बाजार में निवेश…
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 10 सितंबर को फूड रेगुलेटर FSSAI को आदेश दिया था कि वह 10 दिनों के भीतर अपने प्रस्तावित 'फ्रंट-ऑफ-पैक' चेतावनी लेबल को लागू करने के…
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कंपनी ने कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द…