कार में मिला 54 किलो सोना और कैश किसका, सौरभ शर्मा से पूछताछ में खुलेगा राज

Updated on 29-01-2025 02:18 PM

भोपाल काली कमाई के आरोप में तीन जांच एजेंसियों के मोस्ट वांटेड सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी के बाद उन नेताओं और अधिकारियों की धड़कन बढ़ गई है, जिनके नाम लोकायुक्त छापे के दौरान मिली डायरी और अन्य कागजातों में हैं।सबसे बड़ा राज 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकद राशि है, जिसे आयकर विभाग ने जब्त किया था। जब्ती के 40 दिन बाद यह पता नहीं चला है कि यह सोना और नकदी किसकी थी। सूत्रों का कहना है कि परिवहन नाकों से आने वाली अवैध कमाई को सोना खरीदकर खपाया जा रहा था।

करोड़ों रुपये लेन-देन का उल्लेख

इस कार में एक डायरी भी मिली थी, जिसमें करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का उल्लेख है। भ्रष्टाचार निवारण प्रकरणों में लोकायुक्त पुलिस ने 20 वर्ष बाद किसी आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। सौरभ के करीबी चेतन गौर और शरद जायसवाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनसे भी पूछताछ की जा रही है।

दो दिन की पुलिस रिमांड मांगेंगे

पहले माना जा रहा था कि लोकायुक्त पुलिस अधिकतम दो दिन की पुलिस रिमांड मांगेगी, पर न्यायालय के आदेश पर चार फरवरी तक के लिए सौरभ और चेतन को हिरासत में लिया है। शरद को बुधवार को कोर्ट में प्रस्तुत कर रिमांड मांगी जाएगी।

मुखबिर की सूचना पर टीम ने सोना और नकदी जब्त की थी

हाई प्रोफाइल मामला होने के साथ ही पुलिस को सौरभ के पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। दूसरा, लोकायुक्त पुलिस इस मामले में एक से दो माह के भीतर चालान पेश करने की तैयारी में है। बता दें कि लोकायुक्त पुलिस 18 दिसंबर को भोपाल में ई-7 अरेरा कॉलोनी स्थित छापे के अगले दिन मुखबिर की सूचना पर आयकर विभाग की टीम ने सोना और नकदी जब्त किया था।

इसके अगले दिन मुखबिर की सूचना पर आयकर विभाग ने मेंडोरी गांव में एक प्लाट में खड़ी कार से सोना और नकदी जब्त किया था। यह कार चेतन गौर के नाम है।

पूछताछ के बाद अन्य को बनाया जाएगा आरोपित

लोकायुक्त पुलिस ने अभी सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को ही आय से अधिक संपत्ति के प्रकरण में आरोपित बनाया है। इन तीनों से पूछताछ के बाद अन्य को भी सह आरोपित बनाया जा सकता है। सौरभ की पत्नी दिव्या शर्मा को भी सह आरोपित बनाया जा सकता है।

कौन है चेतन गौर

चेतन सौरभ करीबी मित्र है। छापे में सौरभ यहां से चेतन के नाम संपत्ति के दस्तावेज मिले थे। उसके नाम मछली पालन का ठेका, पेट्रोल पंप और अन्य संपत्ति के दस्तावेज मिले थे। लोकायुक्त, आयकर व ईडी से पूछताछ में चेतन ने बताया था कि सौरभ ने ही उसके नाम संपत्ति बनाई थी उसे जानकारी नहीं है।

शरद जायसवाल

चेतन की तरह शरद जायसवाल भी सौरभ का करीबी है। छापे में शरद के नाम संपत्तियों की जानकारी मिली थी। सौरभ ने काली कमाई को खपाने के लिए अविरल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई थी, जिसमें शरद जायसवाल डायरेक्टर है। सूत्रों का कहना है कि शाहपुरा में निर्माणाधीन जयपुरिया स्कूल की समिति में भी सदस्य के रूप में शरद का नाम शामिल है।



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