'मिनी इंडिया' क्यों कहा जाता है इजरायल का परमाणु शहर डिमोना? भारत की चाट, जलेबी और क्रिकेट का है दीवाना

Updated on 23-03-2026 03:33 PM
तेल अवीव: इजरायल का डिमोना शहर के लिए शनिवार की रात बेहद खौफनाक रही, जब ईरान की मिसाइलों के हमले से यह इलाका थर्रा उठा। रविवार सुबह जब डिमोना के लोग बाहर निकले तो चारों तरफ भयावह नजारा था। ईरानी मिसाइल हमले ने शहर के एक हिस्से को मलबे के ढेर में बदल दिया था, जो पिछली रात की तबाही की गवाही दे रहा था। ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई उसके नतांज परमाणु सुविधा पर हमले के जवाब में की गई। डिमोना इजरायल के परमाणु ठिकाने से महज 13 किलोमीटर की दूरी पर है और यही इस पर हमले की वजह बना।

इजरायल का मिनी इंडिया डिमोना

हालांकि, डिमोना इजरायल का प्रमुख परमाणु केंद्र है, लेकिन इसकी एक और पहचान है जो भारत से जुड़ी है। डिमोना को इजरायल में मिनी इंडिया का खिताब हासिल है। इस शहर में लगभग 7500 लोगों का एक मजबूत भारतीय-यहूदी समुदाय रहता है, जो शहर की कुल आबादी का लगभग 30 फीसदी है।
डिमोना के लोग आज भी भारतीय संस्कृति और भारत में अपनी जड़ों से खुद को जोड़े हुए हैं। यहां सड़कों पर लोगों को फर्रादेदार मराठी बोलते हुए सुना जा सकता है, तो कुछ लोग थोड़ी-बहुत हिंदी भी बोलते हैं। वैसे तो इजरायल में क्रिकेट प्रमुख खेल नहीं है, लेकिन डिमोना में क्रिकेट के दीवानों की अच्छी संख्या है। यहां की दुकानों में सोनपापड़ी, गुलाम जामुन, पापड़ी चाट और भेलपुरी जैसे भारतीय नाश्ते देखकर आप हैरान हो सकते हैं।
भारतीय कैसे पहुंचे इजरायल?
  • 1948 में इजरायल राज्य के गठन के बाद दुनिया भर से यहूदी यहां आने लगे। भारत के इजरायल में प्रवासन की मुख्य लहर 1950 और 1960 के दशक में आई थी।
  • इनमें से ज्यादातर लोग महाराष्ट्र से आए हैं, जिन्हें बनी इजरायल कहा जाता है। कुछ छोटे समूह केरल (कोच्चि यहूदी) और कोलकाता (बगदाद यहूदी) से भी आए। हाल के कुछ वर्षों में मिजोरम और मणिपुर से भी यहूदी डिमोना में बस गए हैं।
  • इसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई, जब यहूदी एजेंसी ने मुंबई के फोर्ट इलाके में अपना दफ्तर खोला। यह एजेंसी यहूदियों को इजरायल जाकर बसने के लिए प्रोत्साहित करती थी।
  • 1956 तक पश्चिमी भारत से लगभग 2000 यहूदी इजरायल चले गए। इन्होंने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना को अपना घर बना लिया।

भारतीय जड़ों से आज भी जुड़े

डिमोना में रहने वाले भारतीय यहूदी आज ज्यादातर हीरे के व्यापारी, आईटी प्रोफेशनल और बुजुर्गों की देखभाल करने वाले के तौर पर काम करते हैं। आज भी यहां लोग भाषा, त्योहार और दूसरी परंपराओं के जरिए भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हुए हैं। दीवाली और ओणम जैसे त्योहार के जीवन का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 29 April 2026
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार 26 अप्रैल को ईरान को नई चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर राजी होने…
 29 April 2026
वॉशिंगटन: वॉशिंगटन में वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट एसोसिएशन के डिनर में गोलीबारी हुई है। यह गोलीबारी ऐसे समय हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वहां मौजूद थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
 29 April 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर सिंधु जल संधि के मुद्दे पर भारत को घेरने की कोशिश की है। भारत की ओर से जम्मू कश्मीर में हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स के निर्माण…
 29 April 2026
कोलंबो: श्रीलंका और भारत ने एक बार फिर से हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए एक द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास किया है। IN-SLN DIVEX 2026 अभ्यास के चौथे संस्करण के जरिए दोनों…
 28 April 2026
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह बीते कुछ समय से लगातार चर्चा में है। अपने मंत्रियों पर आरोपों को लेकर घिरे बालेन शाह अब एक नए विवाद में फंस गए…
 28 April 2026
त्रिपोली: भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ऑयल इंडिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। ऑयल इंडिया के लिए लीबिया से अच्छी खबर आई है, जहां उसे तेल…
 28 April 2026
न्यूयॉर्क: रूस ने बहुत बड़ी घोषणा करते हुए होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के अधिकार का समर्थन कर दिया है। ये अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ साथ भारत और चीन के…
 28 April 2026
बिश्केक: भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान आतंकवाद को लेकर चीन और पाकिस्तान को एक साथ नसीहत दी है। किर्गिस्तान के बिश्केक में…
 28 April 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना है कि यूएस मिलिट्री के पास अभी हाइपरसोनिक हथियारों या रूस और चीन जैसे दुश्मनों के पास मौजूद एडवांस्ड क्रूज…
Advt.