क्या पाकिस्तान की तरह चीन भी कर्ज में डूब जाएगा ये आंकड़े देख ठनक जाएगा आपका माथा

Updated on 22-08-2023 01:44 PM
नई दिल्ली : चीनी इकॉनमी (China economy) इस समय एक भंवर में फंसी हुई दिख रही है। एक ऐसा भंवर जो लगातार चीनी इकॉनमी को खस्ताहाल करता जा रहा है। इस भंवर से बाहर निकलना चीन के लिए मुश्किल होता जा रहा है। कोविड लॉकडाउन के बाद भारत में जबरदस्त डिमांड देखने को मिली थी। इससे इकॉनमी में तेजी से रिकवरी हुई। इस रिकवरी के बूते आज हम बड़े देशों में सबसे अधिक ग्रोथ करने वाली इकॉनमी बने हुए हैं। लेकिन चीन में ऐसा नहीं हुआ। चीनी बाजारों में डिमांड देखने को नहीं मिल रही है। वस्तुओं की कीमतें घट रही हैं। इससे कोविड के बाद चीनी इकॉनमी में रिकवरी पर सवाल खड़े होते हैं। लंबे समय तक लॉकडाउन में रहने के बाद भी चीनी लोग मार्केट में पैसा खर्च नहीं कर रहे हैं। जुलाई महीने में यह देश डिफ्लेशन में चला गया है।

स्थानीय सरकारों का कर्ज बना मुसीबत
चीनी इकॉनमी के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं। इनमें स्थानीय सरकार का भारी-भरकम कर्ज, रिकॉर्ड लो बर्थ रेट, सुस्त रियल एस्टेट मार्केट और उच्च युवा बेरोजगारी शामिल हैं। हम सब जानते हैं कि कर्ज जब बेतहाशा हो जाए तो कैसे यह इकॉनमी को निगल लेता है। पाकिस्तान इसका उदाहरण है। चीन में लोकल गवर्नमेंट ने भारी-भरकम कर्ज ले रखा है। यह कर्ज अब बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है।

करीब दोगुना हो गया LGFV का कर्ज
चीन की लोकल गवर्नमेंट फाइनेंसिंग व्हीकल्स (LGFVs) का कर्ज साल 2017 के बाद से करीब दोगुना हो गया है। चीन की इकॉनमी पर ताजा आईएमएफ रिपोर्ट के अनुसार यह साल 2022 में करीब 7.8 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया था। कर्ज में भारी भरकम इजाफे से चीन की स्थानीय सरकारी की वित्तीय स्थिरता पर चिंताएं उठ रही हैं। साल 2014 के आईएमएफ वर्किंग पेपर के अनुसार, LGFVs लोकल गवर्नमेंट्स द्वारा क्रिएट की गई कंपनियां हैं। ये कंपनियां बैंक्स, ट्रस्ट कंपनीज या बॉन्ड मार्केट से उधार लेने के लिए क्रिएट की गई हैं। ये व्हीकल्स कॉरपोरेट कर्ज की कैटेगरी के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर या स्टेट वेलफेयर प्रोजेक्ट्स के लिए फंड्स जुटाते हैं। इनमें कम रिटर्न होता है और इन्हें पूरा होने में काफी समय लगता है।

कर्ज चुकाने के लिए बेचने पड़ेंगे बॉन्ड
चीन की स्थानीय सरकारों के लिए इस कर्ज का रीपेमेंट करना मुश्किल हो रहा है। चीन अब इस पर चर्चा कर रहा है कि 12 क्षेत्रों के कर्ज के रिपेमेंट में मदद के लिए स्थानीय सरकारों को स्पेशल फाइनेंसिंग बॉन्ड्स से 1.5 ट्रिलियन युआन (295.9 अरब डॉलर) बेचने की अनुमति दी जाए। तियानजिन, गुइझोउ, युन्नान, शानक्सी और चोंगकिंग सहित कई क्षेत्रों पर स्थानीय सरकारी ऋण का भुगतान करने का दबाव बढ़ गया है। Caixin ने शनिवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार चीनी केंद्रीय बैंक स्थानीय सरकारी वित्त इकाइयों को दीर्घकालिक, कम लागत वाली लिक्विडिटी प्रदान करने के लिए बैंकों के साथ एक विशेष प्रयोजन इकाई स्थापित कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इससे लोकल गवर्नमेंट फाइनेंशियल व्हीकल्स को लिक्विडिटी जोखिम कम करने में सहायता मिल सकती है। चीन में स्थानीय सरकारों का कर्ज चीन की इकॉनमी के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बन गया है।


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