दिग्गज नाना पाटेकर का बीते गुरुवार, 08 अक्टूबर को निधन हो गया। उनकी मौत ने जहां करोड़ों फैंस और पूरे देश को सदमा दिया है, वहीं एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता अपनी 'बदबयानी' से लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। नाना पाटेकर की मौत को 'ईविल डेड' बता चुकीं तनुश्री ने अब इंस्टाग्राम पर एक नया लाइव वीडियो शेयर किया है और अजीब बातें की हैं। उन्होंने नाना के निधन से जुड़े हालात पर सवाल उठाए हैं। देर रात 11:28 बजे डोंजे गांव में हुए उनके अंतिम संस्कार पर प्रश्न चिन्ह लगाया है, पूछा है कि आखिर उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए क्यों नहीं रखा गया? 42 साल की एक्ट्रेस ने यह कयास लगाए हैं कि हो सकता है नाना पाटेकर जिंदा हों, सिंगापुर या कहीं रूप बदलकर हों और मौत का झूठा नाटक किया हो। वैसे, तनुश्री की यह बातें और सवाल बेहद अजीब हैं, क्योंकि डोंजे गांव में सैकड़ों किसानों, अपनों और यहां तक कि महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अंतिम विदाई से पहले नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन किए हैं।तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर का विवाद करीब 8 साल पुराना है। एक्ट्रेस ने दिग्गज एक्टर पर 'मीटू मूवमेंट' के दौरान संगीन आरोप लगाए थे। लेकिन कभी इनकी पुष्टि नहीं हो पाई। अब उन्होंने अपने नए वीडियो में यहां तक अंदाजा लगाया है कि हो सकता है नाना पाटेकर जिंदा हों और अभी सिंगापुर या मलेशिया में हों। जाहिर हैं, ये कयास और ऐसी बातें हास्यास्पद हैं। तनुश्री की बातें इसलिए भी अजीब हैं कि डोंजे गांव से पहले गोवा में भी पोस्टमार्टम के बाद वहां कुछ देर के लिए पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर उठाए सवाल
इंस्टाग्राम पर लाइव सेशन में तनुश्री दत्ता ने कहा है, 'बॉलीवुड इंडस्ट्री और मीडिया में किसी ने भी नाना पाटेकर का शव नहीं देखा और इतनी जल्दी क्या थी? आधी रात को अंतिम संस्कार करने की? हमारे धर्म में, आमतौर पर सूरज डूबने के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है, तो फिर आधी रात को अंतिम संस्कार क्यों किया गया? इतनी जल्दी क्या थी? रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार क्यों किया गया?'तनुश्री ने पूछा- प्रार्थना सभा क्यों नहीं हुई, क्या परिवार ने उनका चेहरा देखा?
एक्ट्रेस ने आगे तंज भरे अंदाज में कहा, 'वो इतने बड़े लेजेंड, इतने महान इंसान थे। एक प्रार्थना सभा होनी चाहिए थी, ताकि बॉलीवुड के लोग और मीडियाकर्मी आ सकें, शव देख सकें और श्रद्धांजलि दे सकें। जैसे हिंदू परंपरा में लोग सभा में शामिल होते हैं, शव को छूते हैं, उसके सामने सिर झुकाते हैं और मृतक को अपनी आंखों से देखते हैं। बॉलीवुड में किसी ने शव नहीं देखा। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी, लेकिन क्या उन्होंने असल में शव देखा? क्या परिवार ने इसे ठीक से देखा? किसका अंतिम संस्कार किया गया? उनका चेहरा ढका हुआ था। हो सकता है कि गांव वाले ऐसे सवाल न पूछें, लेकिन दूसरे लोग तो पूछते हैं।'
तनुश्री दत्ता की सोच पर तरस, कह रहीं- मौत का फर्जी नाटक हो सकता है!
तनुश्री दत्ता ने आगे जो कहा, उसे सुनकर आपको हंसी नहीं आएगी और उनकी सोच पर तरस आएगा। वह कहती हैं, 'हो सकता है वो सिंगापुर या मलेशिया में जिंदा हों। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए मौत का नाटक किया हो और फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाया हो। यदि उसने अपना रूप बदल लिया है, तो उनकी पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट करवाया जाना चाहिए।'अस्पताल ले जाने के वीडियो सामने नहीं आने पर सवाल
तनुश्री दत्ता यही नहीं रुकती हैं। वह पूछती हैं कि गुरुवार, 8 अक्टूबर की सुबह नाना पाटेकर को अस्पताल ले जाते समय की कोई तस्वीर या वीडियो पब्लिकली सामने क्यों नहीं आया? उन्होंने अपने एक्सीडेंट का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौरान भी तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे, जबकि नाना के मामले में ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। उन्होंने अस्पताल में मृत घोषित किए जाने और पोस्टमॉर्टम से जुड़े घटनाक्रम पर भी सवाल उठाए।तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर का विवाद क्या है?
तनुश्री दत्ता ने 'मीटू मूवमेंट' के दौरान दिवंगत नाना पाटेकर पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि फिल्म साल 2008 में आई फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। दूसरी ओर, नाना पाटेकर ने इन आरोपों से इनकार किया था। 13 अक्टूबर 2018 को तनुश्री दत्ता के वकील नितिन सतपुते ने मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दी था। इसमें नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, निर्माता समी सिद्दीकी और निर्देशक राकेश सारंग को आरोपी बनाते हुए, उनके नार्को-एनालिसिस, ब्रेन-मैपिंग और लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की गई थी। जून 2019 में पुलिस ने यौन उत्पीड़न के मामले में नाना पाटेकर को क्लीन चिट दे दी। इससे पहले 2008 में तनुश्री ने 'सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन' में भी शिकायत की थी। हालांकि, एसोसिएशन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की, क्योंकि इसे आपराधिक मामला माना गया था।