अखिलेश को मिली हल्बी भाषा में पीएचडी

Updated on 26-11-2022 04:56 PM

जगदलपुर

बस्तर विश्वविद्यालय में पीएचडी मौखिकी शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर, जगदलपुर प्रशासनिक भवन स्थित सभागार में , कला संकाय के अंतर्गत हिन्दी विषय में पीएच.डी. पाठ्यक्रम में पंजीकृत शोधार्थी अखिलेश कुमार त्रिपाठी द्वारा शोध प्रबंध विषय हल्बी बोली पर अन्य भाषाओं का प्रभाव पर शोध कार्य पूर्ण करने उपरांत मौखिकी परीक्षा संपन्न हुई। श्री त्रिपाठी ने अपना शोध कार्य, शोध निर्देशक डॉ. योगेन्द्र मोतीवाला, सहायक प्राध्यापक, शासकीय दंतेश्वरी महिला महाविद्यालय, जगदलपुर के निर्देशन शोध केन्द्र शासकीय इंदरू केंवट कन्या महाविद्यालय, कांकेर जिला झ्र उत्तर बस्तर, कांकेर (छ.ग.) में पूर्ण किया।

अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने हल्बी बोली पर प्रस्तुतीकरण देते हुये बताया कि रियासत कालीन बस्तर में राजभाषा के पद पर आसीन रही हल्बी बोली इस सम्पूर्ण क्षेत्र की संपर्क बोली के रूप में विद्यमान रही है, परन्तु वर्तमान में यह विभिन्न कारणों से अलग अलग बोली भाषाओं से प्रभावित हो रही है इस प्रक्रिया में यद्यपि वर्तमान समय में भी इसका रूप विकृत होता प्रतीत हो रहा है। यदि हल्बी बोली के संरक्षण, संवर्धन की ओर शासन-प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा प्राथमिकता के आधार पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह बोली भी उसी प्रकार खतरे में पड़ जाएगी जैसे क्षेत्र की अन्य कई बोलियां प्रचलन से बाहर होकर या तो विलुप्त हो गई या किसी अन्य समर्थ बोली या भाषा में विलीन होकर अपना अस्तित्व खत्म कर बैठी । गौरतलब तथ्य है कि जब एक बोली मरती है तब बोली के साथ-साथ तीज-त्यौहार, रिश्ते-नाते, रहन-सहन संस्कृति बोली के साथ साथ खत्म होते जाते हैं ।

वर्तमान समय में हल्बी बोली के संरक्षण, संवर्धन की ओर यद्यपि शासन-प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थाओं व व्यक्तिगत रूप से इसमें उत्थान करने का यथा संभव प्रयास किया जा रहा है परन्तु इससे और अधिक प्रयास किये। जाने की आवश्यकता प्रतीत होती है। इसके अतिरिक्त और भी नानाविध कारणों से समाज में हल्बी बोली के प्रयोग एवं विस्तार की स्थिति में निरन्तर संकुचन आता जा रहा है। अत: इन कारणों का अध्ययन और खासकर इस बोली के लेखन को आबद्ध करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि शोधकर्ता द्वारा जब इस संबंध में विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, पुस्तकालय, संग्रहालय या अन्य जगहों पर साहित्य संकलन का कार्य शुरू किया इस विषय पर किसी भी प्रकार के शोध, लेख आदि का सर्वथा अभाव पाया इनके अंश मात्र ही मिल पाये जिससे प्रतीत होता है कि इस बोली का इतिहास भी विलुप्तीकरण की ओर अग्रसर हो रहा है। बाजार में भी इस विषय के लेख, किताब या अन्य किसी भी प्रकार के शोध पत्रों की उपलब्धता न के बराबर है। अत: शोधार्थी को ऐसा प्रतीत हुआ कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व बस्तर रियासत की राजभाषा के रूप में विद्यमान रही बस्तर क्षेत्र की इस लोकप्रिय, महत्त्वपूर्ण एवं संपर्क बोली के लिये बहुत दयनीय स्थिति होती जा रही है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 March 2026
रायपुर, राजधानी के गंज थानाक्षेत्र में कारोबारी का 10 लाख रुपए लेकर मुंशी फरार हो गया। कारोबारी की शिकायत पर गंज पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच में लिया है।कारोबारी का…
 13 March 2026
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी बिलासपुर में DJ-धुमाल और आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली प्रतिबंधित लेजर लाइट पर रोक नहीं लगी है। यही वजह है कि शहर में…
 13 March 2026
रायपुर, रायपुर के तेलीबांधा इलाके के होटल एरिना बुटिक में मिली दो उजबेकिस्तानी महिलाओं के खिलाफ पुलिस ने तीन महीने की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस को मुखबिर…
 13 March 2026
जगदलपुर, जगदलपुर में संजय बाजार की व्यवस्था सुधारने को लेकर नगर निगम ने व्यापारियों के साथ बैठक की। बैठक में बाजार की सफाई, मटन मार्केट संचालन, यूजर चार्ज से जुड़ी भ्रांतियों…
 13 March 2026
दुर्ग-भिलाई, दुर्ग जिले में यातायात पुलिस की सख्ती का असर अब साफ तौर पर सड़क हादसों के आंकड़ों में दिखाई देने लगा है। पुलिस ने इस साल नियम तोड़ने वालों पर…
 13 March 2026
रायगढ़, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के उद्योगों में लगातार हो रही घटनाओं और मजदूरों की मौत के मामलों को गंभीरता से लिया गया है। जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने…
 13 March 2026
रायपुर, रायपुर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बड़ा अभियान चलाया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य…
 13 March 2026
दुर्ग-भिलाई, दुर्ग जिले में बीजेपी नेता विनायक ताम्रकर से जुड़े अफीम की अवैध खेती मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला…
 13 March 2026
बलरामपुर, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कोरंधा में पुलिस ने करीब ढाई एकड़ में लगी अफीम उखाड़कर जब्त की है। यहां से 285 बोरे अफीम के पौधे बरामद हुए, जिनका वजन…
Advt.