कर्ज के बोझ तले दबा अमेरिका नहीं कर पा रहा दूसरों की मदद, 'कंगाली' में रोकनी पड़ी भारत और पाकिस्तान को मिलने वाली मदद

Updated on 29-05-2023 09:09 PM
वॉशिंगटन : अमेरिका इस समय कर्ज संकट से जूझ रहा है। इसका असर बाकी देशों पर भी पड़ने लगा है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) ने पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय मदद को रोक दिया है। रिपब्लिकन सांसद मारजोरी टेलर ग्रीन ने रविवार को एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी है। पाकिस्तान खुद इतिहास के सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में अमेरिका का संकट उसकी मुश्किलें और बढ़ा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और शीर्ष कांग्रेसी रिपब्लिकन केविन मैकार्थी की ओर से सरकार की 31.4 ट्रिलियन कर्ज सीमा को बढ़ाने के लिए एक अस्थायी सौदे पर पहुंचने के तुरंत बाद ग्रीन का यह ट्वीट आया।

अमेरिका की सीडीसी सरकारी स्वास्थ्य एजेंसी है। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और दुनियाभर में बीमारियों के नियंत्रण और रोकथाम के माध्यम से जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है। अपने ट्वीट में ग्रीन ने कहा, 'जल्द ही ऋण सीमा पर समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा जिसके लिए सीडीसी 'ग्लोबल हेल्थ फंड' से 400 मिलियन डॉलर वापस ले लिए जाएंगे, जो चीन जैसे देशों को विदेशों में पैसा भेजता है।'

इन देशों को नहीं मिलेगी अब मदद

उन्होंने कई देशों की एक लंबी सूची साझा करते हुए लिखा कि अब इन देशों को टैक्सपेयर्स का पैसा नहीं दिया जाएगा। इनमें अल्बानिया, आर्मेनिया, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, इंडोनेशिया, जॉर्जिया, नामीबिया, नाइजीरिया, ओमान, पाकिस्तान, फिलीपींस, रवांडा, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण सूडान, तंजानिया, थाईलैंड, युगांडा, यूक्रेन और वियतनाम सहित कई देश शामिल हैं।

बाइडन और मैकार्थी में बनी सहमति

राष्ट्रपति बाइडन और प्रतिनिधि सभा के स्पीकर केविन मैकार्थी के बीच शनिवार देर रात देश की ऋण सीमा बढ़ाने पर 'सैद्धान्तिक सहमति' बन गई है। दोनों संघीय खर्च को सीमित करने और अमेरिका को संभावित डिफॉल्ट से बचाने के लिए 'समझौते' पर तैयार हो गए हैं। हालांकि, इस समझौते तक पहुंचने के लिए जो रियायतें या शर्तें तय की गई हैं उससे डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों पक्षों के नाराज होने का खतरा है।

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