स्वीडन की नाटो सदस्यता के लिए बेचैन हुआ अमेरिका, तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन पर बढ़ा दबाव

Updated on 02-06-2023 08:28 PM
ओस्लो: नाटो ने गुरुवार को सदस्य राष्ट्र तुर्किये पर स्वीडन की सदस्यता पर अपनी आपत्तियों को छोड़ने के लिए दबाव बढ़ाया। सैन्य संगठन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके समकक्षों की अगले महीने होने वाली मुलाकात तक इस मुद्दे को सुलझाना चाहता है। इस 31 सदस्यीय संगठन यूक्रेन की गैर-सदस्य स्थिति को मजबूती देने और सुरक्षा प्रतिबद्धताओं के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर भी विचार कर रहा है जिसकी पेशकश वह रूस के साथ युद्ध समाप्त होने के बाद कर सकता है। एक दिन पहले ही बाइडन ने फोन पर तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन से स्वीडन की नाटो सदस्यता को लेकर चर्चा की थी।

स्वीडन को नाटो की मिलेगी सदस्यता

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि नाटो 11-12 जुलाई को लिथुआनिया में संबद्ध नेताओं की बैठक के समय तक स्वीडन को गठबंधन के दायरे में लाना चाहता है। उन्होंने कहा कि कहा कि गठबंधन सहयोगी यूक्रेन के लिए लंबी अवधि के वित्त पोषण और सुरक्षा योजना पर प्रगति की भी उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहयोगी इस बात पर सहमत हैं कि यूक्रेन नाटो का सदस्य बन जाएगा लेकिन इस बीच गठबंधन को उसे सुरक्षा प्रतिबद्धताएं और पर्याप्त नई निधि मुहैया करानी चाहिए।

यूक्रेन भी बन सकता है नाटो सदस्य

उन्होंने कहा कि आज हमारा ध्यान इस बात पर था कि हम यूक्रेन को नाटो, जहां का वह है, के करीब कैसे ला सकते हैं। स्टोल्टेनबर्ग ने कहा, "कोई नहीं जानता कि युद्ध कब समाप्त होगा, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जब ऐसा हो तो हमारे पास भविष्य में यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी देने और रूस की आक्रामकता के चक्र को तोड़ने के लिए विश्वसनीय व्यवस्था हो।"

रूस को घेरने की तैयारी में नाटो


अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि सहयोगी "यूक्रेन को उसकी मध्यम और दीर्घकालिक सुरक्षा क्षमता बनाने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे ताकि जब मौजूदा आक्रामकता शांत हो जाए, तो यूक्रेन के पास भविष्य की आक्रामकता को रोकने की पूरी क्षमता हो"।

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