क्रेमलिन पर हमला रूस का फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन तो नहीं, क्या यूक्रेन में कुछ बड़ा करने की सोच रहे पुतिन?

Updated on 04-05-2023 07:09 PM
मॉस्को: रूस की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह क्रेमलिन पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों को आशंका है कि यूक्रेन के पास इतनी क्षमता नहीं है कि वह रूस की राजधानी मॉस्को के अंदर क्रेमलिन पर हमला कर सके। लोगों का यह भी कहना है कि क्रेमलिन पर हमला यूक्रेन के लिए आत्मघाती कदम होगा। ऐसे में यूक्रेन कभी नहीं चाहेगा कि वह सीधे-सीधे पुतिन को चुनौती दे। हालांकि, रूस ने दावा किया है कि क्रेमलिन पर हुए ड्रोन हमलों के पीछे यूक्रेन का हाथ है। रूस ने इस हमले का बदला लेने की भी बात कही है। यूक्रेन ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्रेमलिन पर ड्रोन हमला कहीं रूस का फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन तो नहीं है।

क्या होता है फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन


फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन एक ऐसी सैन्य कार्रवाई होती है, जहां एक देश चोरी-छिपे, जानबूझकर अपनी संपत्ति, आम लोग या सैनिकों के ऊपर हमला करता है। हालांकि, दुनिया के सामने वह बताता है कि यह उसके दुश्मन देश ने किया है। इसकी आड़ में फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन करने वाले देश को दुश्मन पर हमला करने का बहाना मिल जाता है। फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन का इतिहास काफी पुराना है। इस शब्द की उत्पत्ति समुद्री लुटेरों से हुई जो मित्र देशों के झंडे लगाकर व्यापारी जहाजों को अपने नजदीक आने देते थे। बाद में वे उन पर हमला कर लूट लेते थे। फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन के जरिए ही जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत की थी।

रूस क्यों करना चाहेगा फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन


रूस लगभग डेढ़ साल से यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है। इसकी रूस को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। ऐसे में रूस चाहता है कि जल्द से जल्द युद्ध खत्म हो जाए और स्थिति सामान्य हो। आशंका है कि इसी कारण रूस फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन के जरिए यूक्रेन के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बना सकता है। इससे यूक्रेन के सामने हथियार डालने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा और रूस दुनिया को यह बता सकेगा कि उसने जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन पर हमला किया है। रूस के फॉल्स फ्लैग ऑपेरशन का डर लंबे समय से जताया जा रहा है। कई बार पश्चिमी देशों ने दावा किया है कि रूस इसके बहाने यूक्रेन पर परमाणु हमला तक कर सकता है।

क्या यूक्रेन में परमाणु हमला करेंगे पुतिन


पुतिन की सबसे बड़ी खूबी उनकी खामोशी है। पुतिन रूसी खुफिया एजेंसी केजीबी में दशकों तक काम कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें ऐसे ऑपरेशन करने की हर बारीकी पता है। वह ये भी जानते हैं कि ऐसे मौके का फायदा कैसे उठाया जा सकता है। पुतिन पहले भी कई बार धमकी दे चुके हैं कि रूसी जमीन पर हमले का शस्त्रागार में मौजूद हर एक हथियार के जरिए मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। ऐसे में पुतिन के पास यूक्रेन के खिलाफ सामूहिक विनाश के हथियार का इस्तेमाल करने का पूरा बहाना है। रूस ने हाल में ही बेलारूस में परमाणु हथियारों को तैनात किया है। ये हथियार सामूहिक विनाश न कर एक निश्चित उद्देश्य को हासिल करने के लिए इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं।

यूक्रेन पर तीन तरफ के परमाणु हमला कर सकता है रूस


रूस के पास यूक्रेन पर तीन दिशाओं से परमाणु हमला करने की ताकत है। रूसी परमाणु मिसाइलें यूक्रेन के पूर्व, उत्तर और दक्षिण में मौजूद हैं। रूस ने अपने परमाणु हथियारों को पूर्व में मुख्य भूमि के अलावा उत्तर में बेलारूस और कालिनग्राद में तैनात कर रखा है। इसके अलावा परमाणु मिसाइलों से लैस रूसी पनडुब्बियां यूक्रेन के दक्षिण में काला सागर में गश्त लगा रही हैं। ये सभी हथियार पुतिन के एक इशारे पर यूक्रेन में कभी भी तबाही ला सकते हैं।

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