अंतरिक्ष में हुआ अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट, सौरमंडल से भी 100 गुना विशाल, वैज्ञानिक हैरान

Updated on 12-05-2023 07:04 PM
वॉशिंगटन: खगोलविदों ने अंतरिक्ष में अब तक के सबसे बड़े ब्रह्मांडीय विस्फोट को देखा है। उन्होंने अंतरिक्ष में एक ऐसा आग का गोला देखा है जो हमारे सौर मंडल से 100 गुना ज्यादा बड़ा है। दूर के ब्रह्मांड में अचानक ये तीन साल पहले धधकने लगा था। खगोलविदों ने कहा कि इस पेचीदा घटना को समझने के लिए और भी ज्यादा शोध की जरूरत है। अंतरिक्ष में अब तक देखे गए सबसे बड़ धमाके से जुड़ा अध्ययन रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के मासिक नोटिस में प्रकाशित किया गया।

इस धमाके को AT2021lwx नाम दिया गया है। ज्यादातर सुपरनोवा के धमाके कुछ महीनों तक ही चलते हैं, लेकिन उनकी तुलना में यह वर्तमान में तीन साल से ज्यादा समय तक चला है। साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के नेतृत्व वाले खगोलविदों का मानना है कि यह विस्फोट गैस के एक विशाल बादल के कारण हुआ है। संभवतः ये हमारे सूर्य से हजारों गुना बड़ा है, जिसे एक विशाल ब्लैक होल ने अपने अंदर समा लिया। अध्ययन के मुताबिक यह विस्फोट लगभग 8 अरब प्रकाश वर्ष दूर हुआ था। अभी भी दूरबीनों के एक नेटवर्क से इसका पता लगाया जा रहा है।

पिछले साल दिखा था सबसे चमकदार धमाका


शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बेहद कम देखने को मिलती हैं। इतने बड़े पैमाने पर इसे पहले कभी नहीं देखा गया। पिछले वर्ष खगोलविदों ने एक विस्फोट देखा था, जिसे रिकॉर्ड के मुताबिक सबसे चमकीला बताया गया था। यह एक गामा किरण विस्फोट था, जिसे GRB 221009A या बोट के नाम से जाना जाता है। AT2021lwx की तुलना में बोट ज्यादा चमकदार था, लेकिन यह कुछ ही समय तक दिखाई दिया। जिसका सीधा अर्थ है कि AT2021lwx की ऊर्जा कहीं ज्यादा थी।

कुछ महीनों तक रहते हैं सुपरनोवा


पर्ड्यू यूनिवर्सिटी के भौतिकी और खगोल विज्ञान के सहायक प्रोफेसर डैनी मिलिसावल्जेविक के मुताबित AT2021lwx को 2020 में पहली बार कैलिफोर्निया की ज्विकी ट्रांसिएंट फैसिलिटी से देखा गया था। लेकिन अभी तक वैज्ञानिकों को इस विस्फोट का पैमाना नहीं पता चल सका है। शोध का नेतृत्व करने वाले साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता फिलिप विस्मैन का कहना है कि, 'ज्यादातर सुपरनोवा सिर्फ कुछ महीनों तक ही चल पाती हैं और फिर धीरे-धीरे लुप्त हो जाती हैं। अंतरिक्ष में ऐसे किसी विस्फोट का दो साल से ज्यादा चलना बेहद असामान्य था।'

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