भोपाल। शहर के घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति करने वाली कंपनी थिंक गैस ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। साल 2024 में विद्या नगर में पीएनजी मीटर में हुए ब्लास्ट के हादसे से सबक लेते हुए कंपनी ने अब गैस मीटरों को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित कर दिया है।नए मीटरों में डबल लेयर (दोहरी परत) सुरक्षा और तीन विशेष नोब यानी तीन बंद करने के पाइंट लगाए गए हैं, ताकि भविष्य में कभी भी ब्लास्ट जैसी दुर्घटना न हो सके।
यह जानकारी गुरुवार को थिंक गैस के भोपाल और शिवपुरी रीजनल हेड डीएस दुर्गेश ने दी। उन्होंने बताया कि एलपीजी (सिलेंडर गैस) की तुलना में पीएनजी बहुत हल्की, प्राकृतिक और काफी सस्ती है। हादसे के डर से जो लोग कनेक्शन लेने से कतरा रहे थे, वे अब बिना किसी डर के इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
80 हजार घरों तक पहुंची पाइपलाइन
क्षेत्र में कंपनी की उपलब्धियों को साझा करते हुए क्षेत्रीय प्रमुख ने बताया कि भोपाल में प्राकृतिक गैस नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। कंपनी अब तक 206 किलोमीटर लंबी स्टील पाइपलाइन और पीई पाइपलाइन का जाल बिछा चुकी है, जिससे 80 हजार से अधिक घरों तक पीएनजी की पहुंच आसान हुई है। वर्तमान में 43 हजार से ज्यादा घरों में मीटर स्थापित हो चुके हैं, जिनमें से 29 हजार 139 घरों में गैस की सप्लाई भी शुरू हो चुकी है।
अगले 6 महीने में छह हजार नए घरों में पहुंचेगी रसोई गैस
कंपनी ने अपनी आगामी योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि अगले छह महीनों के भीतर छह हजार नए घरेलू कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, बगरोदा, गोविंदपुरा और अचारपुरा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करते हुए 25 नए कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कनेक्शन भी जोड़े जाएंगे।
राजधानी की आठ सोसायटियां बनीं एलपीजी फ्री जोन
राजधानी की 8 से अधिक रिहायशी सोसायटियों को अब तक पूरी तरह से एलपीजी फ्री जोन घोषित किया जा चुका है। पीएनजी चालू होने के बाद उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करने के लिए 30 दिनों का समय मिलता है, जिसे आनलाइन के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है।
उपभोक्ता बाद में किसी गैर-पीएनजी क्षेत्र में शिफ्ट होने पर ट्रांसफर वाउचर के जरिए दोबारा एलपीजी कनेक्शन भी ले सकते हैं।