खातेगांव न्यायालय का फैसला: 5 साल बाद फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वालों को मिली सजा

Updated on 07-09-2022 05:46 PM

 10 हजार अर्थदंड सहित 5 वर्ष का कठोर कारावास 
सत्र न्यायालय  खातेगांव ने शनिवार को  तीन आरोपी मेहरूनबी, आमीन खां व ब्रिजेश जाट को धारा 420, 467, 468, 471 व 120 बी भा.द.वि. के अपराध सही पाए जाने पर सजा सुनाई है।  आरोपी (1) मेहरूनबी पति आमीन खां जाति मेवाती उम्र 24 वर्ष व्यवसाय गृहकार्य निवासी ग्राम सिकन्दरखेड़ी थाना सतवास जिला देवास मध्यप्रदेश | ( 2 ) आमीन पिता अजीज खां जाति मेवाती उम्र 30 वर्ष व्यवसाय मजदूरी निवासी ग्राम सिकन्दरखेड़ी थाना सतवास जिला देवास मध्यप्रदेश | (3) ब्रिजेश पिता बाबूलाल जाट उम्र 35 वर्ष व्यवसाय मजदूरी निवासी निमलाय थाना सतवास जिला देवास मध्यप्रदेश को  जिला एवं सत्र न्यायधीश सुश्री सरिता वाधवानी ने 10 हजार का जुर्माना सहित विभिन्न धाराओं में तीन-तीन एवं पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। लगभग  5 साल पहले दिनांक 29.07.2017 को शिकायतकर्ता/सरपंच ग्राम पंचायत भण्डारिया सुरेश देवड़ा द्वारा एक लेखीय आवेदन थाना सतवास में इस आशय का पेश किया गया कि, "वह सरपंच सुरेश
देवड़ा ग्राम पंचायत भण्डारिया तहसील सतवास जिला देवास का है। ग्राम सिकन्दरखेड़ी एवं ग्राम
बिचकुआं की दो ग्राम की मूल निवासी एक महिला होकर जिसका नाम मेहरून पति आमीन जाति मवाती निवासी सिकन्दरखेड़ी / बिचकुआं दोनों ग्रामों में परिवार आई.डी. के नाम हैं एवं ग्राम सिकन्दरखेड़ी की मूल निवासी है मतदाता सूची में भी उसका नाम दर्ज है। ग्राम पंचायत भण्डारिया को गुमराह कर तहसील से मूल निवासी प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड भी गलत
जानकारी देकर ग्राम टाण्डा पंचायत भण्डारिया का वनवाया है जिसके आधार से ग्राम पंचायत से भी दिनांक 29.07.2016 को पंचायत को गुमराह कर प्रमाण पत्र बनवा लिया है तथा ग्राम टाण्डा भण्डारिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर धोखाधड़ी से तैयार किये गये दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पर लग चुकी है तथा कार्यरत है। उक्त महिला मुस्लिम समाज से हैं। ग्राम टाण्डा में मुस्लिम परिवार स्थाई रूप से 15 वर्ष से कोई भी निवासरत नहीं है। 15 वर्ष की अवधि पूर्ण  होने पर ही मूल निवासी बनता है। गांव टाण्डा में नायक (बंजारा समाज ही है इसके अलावा अन्य कोई जाति के लोग निवासरत नहीं एवं स्थाई रूप से निवासी नहीं है। मेहरून पति आमीन खां ग्राम सिकन्दरखेड़ी की निवासी है। उसकी परिवार आई.डी. पत्रक में नाम है तथा सिकन्दरखेड़ी की मतदाता सूची क्रमांक 68 पर नाम दर्ज है इसलिए मूल निवासी ग्राम सिकन्दरखेड़ी होकर शासन के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी नियुक्ति आंगनबाड़ी में फर्जी कागजात प्रस्तुत कर नौकरी पर लग चुकी है। फरियादी के उक्त लिखित आवेदन पर से जांच की गयी।  श्री अमित दुबे, अतिरिक्त लोक अभियोजन अधिकारी   खातेगांव ने मामले की पैरवी की।

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