बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक के दौरान ईरान को लेकर बड़ा फैसला किया गया है। व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस बैठक के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को भी खोलने पर सहमति बनी है। हालांकि, चीन की ओर से अमेरिका के इन दावों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस बात की भी आशंका है कि क्या अमेरिका और चीन के बीच बनी सहमति को ईरान मानेगा या नहीं। ट्रंप बुधवार को दो दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंचे हैं। उनके साथ भारी-भरकम अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी है।व्हाइट हाउस ने क्या बताया
रिपोर्ट में बताया गया है कि व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हुए हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अधिकारी ने यह भी कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना चाहिए, जबकि इस रणनीतिक शिपिंग मार्ग के आसपास तनाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। दोनों नेताओं ने अमेरिका में फेंटानिल प्रीकर्सर केमिकल्स के प्रवाह को रोकने की दिशा में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने और अमेरिकी कृषि उत्पादों की चीनी खरीद में बढ़ोतरी पर भी चर्चा की।ट्रंप-जिनपिंग बैठक दो घंटे तक चली
ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच पहली बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली। शी ने कहा कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता और समृद्धि में सहयोग करना चाहिए तथा बड़ी शक्तियों के बीच बेहतर संबंधों का सही रास्ता खोजना चाहिए। ट्रंप के साथ अमेरिका के कई बड़े कारोबारी नेता भी आए हैं। इनमें एनवीडिया के जेन्सन हुआंग, एप्पल के टिम कुक, टेस्ला और स्पेसएक्स के एलन मस्क और ब्लैक रॉक के लैरी फिंक सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।
ट्रंप ने जिनपिंग की खूब तारीफ की
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं असाधारण नेतृत्व क्षमता वाले नेता राष्ट्रपति शी से आग्रह करूंगा कि वे चीन को और अधिक क्षेत्रों के लिए खोलें, ताकि ये प्रतिभाशाली लोग अपनी क्षमता दिखा सकें और चीन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।" बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि शी चिनफिंग से मुलाकात में यह उनका पहला अनुरोध होगा। उन्होंने कहा, "आपका मित्र होना मेरे लिए सम्मान की बात है और चीन तथा अमेरिका के बीच संबंध पहले से कहीं बेहतर होने वाले हैं।"