हिरोशिमा में मिलेंगे जेलेंस्की और पीएम मोदी, युद्ध शुरू होने के बाद पहली मुलाकात, क्या निकलेगा समाधान?

Updated on 20-05-2023 07:19 PM
हिरोशिमा: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के बीच जापान में मुलाकात होगी। जी-7 शिखर सम्मेलन से अलग यह मुलाकात होगी। पिछले वर्ष रूस और यूक्रेन का युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच यह पहली व्यक्तिगत मीटिंग होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंचे हैं। वह इस मौके पर दुनिया भर के अलग-अलग नेताओं के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की अपनी मीटिंग के दौरान यूक्रेन में मौजूदा स्थिति को लेकर बातचीत कर सकते हैं। इसके अलावा आगे सहयोग के लिए रास्ते तलाशने की उम्मीद है। यह बातचीत तनाव कम करने और स्थिरता बहाल करने के राजनयिक समाधान खोजने पर केंद्रित होगी। पिछले साल पीएम मोदी ने समरकंद में एससीओ समिट से अलग रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था कि यह युद्ध का समय नहीं है।

कई और देशों के नेताओं से मीटिंग

पीएम मोदी ने संघर्ष के समाधान पर जोर देते हुए पुतिन से कहा कि 'यह युद्ध का युग नहीं है'। उनके इस बयान को दुनिया भर में नेताओं ने दोहराया। जेलेंस्की के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं के साथ मीटिंग शामिल है। वह दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, वियतनाम और मेजबान देश जापान के समकक्षों के साथ वार्ता करेंगे।

वियतनाम के समकक्ष से मीटिंग

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को हिरोशिमा में वियतनाम के अपने समकक्ष फाम मिन्ह चिन्ह के साथ व्यापक बातचीत की और व्यापार, निवेश, रक्षा तथा ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने हिरोशिमा में जी7 समूह के शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘संबंधों को नए स्तर पर लेकर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह के बीच व्यापक चर्चा हुई।’ मंत्रालय ने कहा, ‘दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, लचीली आपूर्ति शृंखलाएं बनाने, ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन विकास, संस्कृति तथा लोगों के बीच परस्पर संबंधों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।’

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