स्विट्जरलैंड ने भारत का मोस्ट फेवर्ड नेशन दर्जा खत्म किया

Updated on 14-12-2024 02:19 PM

स्विट्जरलैंड सरकार ने भारत से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया। स्विस सरकार के इस फैसले के बाद अब वहां काम करने वाली भारतीय कंपनियों को 1 जनवरी 2025 से 10% टैक्‍स ज्यादा टैक्स देना होगा। स्विट्जरलैंड ने डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) के तहत भारत को MNF राष्ट्र का दर्जा दिया था। शुक्रवार को स्विट्जरलैंड की तरफ से कहा गया भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह से उसे यह कदम उठना पड़ा है। दरअसल पिछले साल नेस्ले से संबंधित एक मामले में भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि DTAA तब तक लागू नहीं किया जा सकता जब तक कि इसे इनकम टैक्स एक्ट के तहत नोटिफाई न किया जाए। इस फैसले का मतलब था कि नेस्ले जैसी कंपनियों को अपने लाभांश पर ज्यादा टैक्स देना होगा। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि विदेशी संस्थाओं में या उनके लिए काम करने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को डबल टैक्स न देना पड़े। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया।

बता दें कि नेस्ले स्विट्जरलैंड की कंपनी है। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के वेवे शहर में है।

दोहरे टैक्स से बचाने के लिए होता है DTAA

क्लियर टैक्स के मुताबिक, दो देश अपने नागरिकों और कंपनियों को डबल टैक्स से बचाने के लिए आपस में डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) करते हैं। इसके तहत कंपनियों या व्यक्तियों को उनकी सेवाओं या प्रोडक्ट के लिए दो अलग देशों में टैक्स नहीं देना पड़ता।

क्या होता है MFN? 

UNO (संयुक्त राष्ट्र संघ) की एक संस्था वर्ल्ड ट्रे़ड ऑर्गनाइजेशन (WTO) है। 164 देश इसके सदस्य हैं। इसके तहत आने वाले सभी देश एक दूसरे को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा देते हैं। यह दर्जा दिए जाने के बाद बिना किसी भेदभाव के सभी देश एक दूसरे के साथ आसनी से बिजनेस कर सकते हैं।

क्यों और कैसे छीना जाता है MFN का दर्जा?

सामान्य तौर पर WTO के आर्टिकल 21बी के तहत कोई भी देश सुरक्षा संबधी विवादों के चलते दूसरे देश से यह दर्जा वापस ले सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसे वापस लेने के लिए कई मुख्य शर्ते पूरी करनी होती हैं। पर असल में इसे हटाने को लेकर कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है।

यह बात भी साफ नहीं है कि अगर कोई देश MFN का दर्जा किसी देश से छीन रहा है, तो वह WTO को सूचित करने के लिए बाध्य है या नहीं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
माले/इस्लामाबाद: मालदीव अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के संगठन 'सार्क' को फिर से शुरू करने की कोशिशें कर रहा है लेकिन उसके सारे दांव नाकाम…
 11 August 2026
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका…
 11 August 2026
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ…
 11 August 2026
वॉशिंगटन/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने NATO शिखर सम्मेलन के बाद बेहद सीक्रेट तरीके से एक मिलिट्री विमान के जरिए तुर्की से बाहर निकाला गया था। अमेरिकी सीक्रेट…
 11 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि 1816 की वह मूल सुगौली संधि नहीं मिल रही है जिसने ब्रिटिश भारत के साथ उसकी सीमा तय की…
 11 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट के बाद इजरायली डिफेंस सर्किल में भारत को 'इंश्योरेंस पॉलिसी' की तरह देखा जा रहा है। इजरायल में…
 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
Advt.