ताइवान पर हमला करने से बस एक कदम दूर है चीनी सेना, मिलिट्री ड्रिल से शी जिनपिंग ने किया बड़ा इशारा, समझें

Updated on 13-04-2023 07:33 PM
बीजिंग: जब से ताइवान की राष्‍ट्रपति साई इंग वेन अमेरिका के 10 दिनों के दौरे के बाद देश लौटी हैं तब से ही चीन का पारा हाई है। सोमवार को चीन की तीन दिनों की मिलिट्री ड्रिल खत्‍म हुई है और और इसके बाद से ही तनाव चरम पर है। अब चीन राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने युद्ध से जुड़ी ट्रेन‍िंग को और तेज करने को कहा है। जिनपिंग ने सैनिकों से मुलाकात की और उन्‍होंने ताइवान को एक तरह की चेतावनी भी दी। चीन ने ताइवान की घेराबंदी के लिए इस मिलिट्री ड्रिल को अंजाम दिया है। इस ड्रिल के बाद से ही आशंका जताई जाने लगी है कि चीन ताइवान के साथ युद्ध की तैयारी कर रहा है।

फाइटर जेट्स लेकर हेलीकॉप्‍टर तक
तीन दिन तक चले वॉर गेम के बाद चीनी सेना के इरादों की भनक दुनिया को मिल गई है। इन मिलिट्री गेम में चीन ने एयर स्‍ट्राइक से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर तक से जेट लॉन्‍च किए गए हैं। इस एक्‍सरसाइज में हेलीकॉप्‍टर, जे-15 फ्लाइंग शार्क से लेकर कई चीनी एडवांस्‍ड एयरक्राफ्ट कैरियर तक तैनात किए गए जिनसे चीन की नौसेना की आक्रामकता के बारे में पता लगा। 80 फाइटर जेट्स लेकर 40 हेलीकॉप्‍टर्स ने उड़ान भरी और हवाई हमलों को अंजाम दिया।

जिनपिंग ने दिया बड़ा मैसेज
चीनी जेट्स ने तीन दिनों में 200 से ज्‍यादा बार उड़ान भरी है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अकेले सोमवार को ही 91 बार चीनी जेट्स ने उनकी सीमा की तरफ उड़ान भरी थी। राष्‍ट्रपति जिनपिंग ने भी सेना से देश की संप्रभुता और समुद्री अधिकारों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए कहा है। मिलिट्री ड्रिल के बाद विशेषज्ञों ने कहा है कि चीन अब युद्ध करने के लिए तैयार है। चीन ने अगस्‍त 2022 में पहली बार ताइवान की तरफ बैलेस्टिक मिसाइल तक दागी दी थीं।

युद्ध के लिए तैयार चीन
ताइवान की तरफ से मिलिट्री ड्रिल पर कहा गया है कि फिलहाल इस मिलिट्री ड्रिल की वजह से कुछ होगा, इस बात की आशंका काफी कम है लेकिन यह तय है कि चीनी सेना ने युद्ध की तैयारी कर ली है। ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा कि ऐसा लगता है कि चीन युद्ध के लिए तैयार हो गया है। सीएनएन को दिए इंटरव्‍यू में वू ने कहा कि मिलिट्री एक्सरसाइज देखकर लगता है कि वह ताइवान के खिलाफ कभी भी युद्ध छेड़ सकता है।

ताइवान पूरी तरह से रेडी

उन्‍होंने बताया कि ताइवान की सेना चीन को एक बड़े खतरे के तौर पर देखती है। यह एक ऐसा खतरा है जिसे कभी भी स्‍वीकार नहीं किया जाएगा और इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए ताइवान तैयार है। वू ने ताइवान की सैन्‍य तैयारियों पर भरोसा जताया। उन्‍होंने कहा हे कि जिनपिंग ने साल 2027 तक अपनी सेना को तैयार रहने का आदेश दिया है। लेकिन ताइवान के खिलाफ बल प्रयोग करने का फैसला करने से पहले चीनी नेता दो बार सोचेंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि चीनी सेना साल 2025 या 2027 या उससे भी आगे कभी कुछ करेगी, ताइवान को बस तैयार रहने की जरूरत है और वह तैयार है।

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