
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग की है। दोनों तिहाड़ जेल में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में हैं।
CJP की कानूनी टीम ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने जमानतदारों के दस्तावेज जमा किए हैं। दोनों की रिहाई पर रविवार दोपहर तक फैसला आने की उम्मीद है।
दरअसल, पुलिस ने दोनों को अन्य CJP कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान 13 अक्टूबर को पकड़ा था। इसके बाद स्पेशल कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेज दिया था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने शांति बनाए रखने के बांड का उल्लंघन किया और जंतर-मंतर में प्रवेश किया। जंतर-मंतर को हाल में प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया गया है।
दावा- जमानतदार नहीं होने के कारण हिरासत में भेजा गया
CJP की लीगल टीम के मुताबिक, जमानतदार उपलब्ध नहीं होने के कारण सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब जमानतदारों के दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखे गए हैं।
दीपके को 24 घंटे के अंदर जमानत
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को शनिवार को जमानत मिली थी। उन्हें 50 हजार रुपए का बेड बॉन्ड भी भरना पड़ा।
दीपके को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया था। उन्हें शुक्रवार को कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले हिरासत में लिया गया था।
पहले भी 50 हजार के मुचलके पर छूटे थे CJP टॉप लीडर्स
सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था।
उस दिन सुबह सौरव दास व आशुतोष रांका को CJP फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था।
इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी और ऐसा कोई काम नहीं करना होगा, जिससे शांति भंग हो।
CJP के तिरंगा मार्च पर दिल्ली पुलिस की 3 FIR
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के तिरंगा मार्च को लेकर शनिवार को कम से कम 3 FIR दर्ज कीं। इनमें CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और AAP नेताओं समेत कई लोगों के नाम हैं।
FIR कनॉट प्लेस और मंडी हाउस थानों में दर्ज की गई हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर रोक के आदेश तोड़ने, सड़क के बीच मार्च करने और पुलिस का काम रोकने का आरोप लगाया है।
कॉकरोच पार्टी ने जंतर-मंतर पर 36 दिन प्रदर्शन किया था
कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन किया था। 36 दिन तक चले इस प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे।
20 जुलाई को CJP ने संसद तक का मार्च भी किया था। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे। CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को प्रदर्शन की अनुमति मांगने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।