विदेशों से कर्ज मांग रहा है पाकिस्‍तान अभी और कंगाल, मुसीबतें होंगी दोगुनी... संयुक्‍त राष्‍ट्र ने दी चेतावनी

Updated on 14-04-2023 08:06 PM
कराची: संयुक्‍त राष्‍ट्र (यूएन) की तरफ से पाकिस्‍तान की चिंताओं को दोगुना करने वाला बयान दिया गया है। भयंकर आर्थिक संकट में घिरे पाकिस्‍तान पर जो कर्ज है, उसकी वजह से हालात और बिगड़ने वाले हैं। यूएन से जुड़ी ट्रेड एंड डेवलपमेंट कॉन्‍फ्रेंस की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्‍तान के बाहरी कर्ज में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इसकी वजह से निर्यात से होने वाली आय में कमी आएगी और साथ ही आर्थिक संकट और गहराएगा। पाकिस्‍तान पर इस समय चार खरब पाकिस्‍तानी रुपए का कर्ज है। जनवरी 2023 में कर्ज में करीब 7.7 फीसदी का इजाफा हुआ था।

पांच साल में दोगुना हुआ कर्ज
यूएन की तरफ से कहा गया है कि पाकिस्‍तान इस समय बहुसंकट की तरफ बढ़ रहा है। साल 2015 से 2020 के बीच देश का बाहरी कर्ज करीब दोगुना हो चुका है। इस कर्ज की वजह से साल 2022 में आर्थिक संकट इतना गहराया है। स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान की नौ मार्च को आई रिपोर्ट में कहा गया था कि जनवरी 2022 में देश पर 42.49 खरब रुपए का कर्ज था और इसमें 30 फीसदी का इजाफा हुआ है।
पाकिस्‍तान इतिहास के सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। पिछले एक साल से जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक देश अब डिफॉल्‍ट होने की कगार पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्‍तर पर गिर गया है। इसकी वजह से आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस वजह से भी अर्थव्यवस्था पर गलत असर पड़ रहा है।
साल 2020 से ही खराब स्थिति
यूएन की रिपोर्ट में पाकिस्‍तान को इस समय सबसे ज्‍यादा गेहूं और ऊर्जा का आयात करना पड़ रहा है। लेकिन यूक्रेन युद्ध की वजह से इन बाजारों में बढ़ती कीमतों के कारण पाकिस्तान पर अब जोखिम बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'युद्ध की वजह से आयात काफी महंगा हो गया है और साल 2022 में यही स्थिति बनी रही है। इसके अलावा, पाकिस्तानी रुपए के मूल्य में तेजी से गिरावट आई है। साल 2020 की शुरुआत से ही पाकिस्‍तान रुपया डॉलर के मुकाबले 40% से ज्‍यादा स्‍तर तक गिर गया है। इस वजह से देश में महंगाई बढ़ी है और विनिमय भंडार तेजी से घटा है।

बाढ़ से गहरा हुआ संकट
यूएन के मुताबिक पाकिस्‍तान की आर्थिक स्थिति पहले से ही बिगड़ रही थी। उस पर पिछले साल आए मॉनसून ने इसे बद से बदतर कर दिया। बारिश सामान्य से 50 फीसदी ज्‍यादा हुई और इसकी वजह से देश के कई हिस्‍सों को विनाशकारी बाढ़ का सामना करना पड़ा। विश्‍व बैंक के मुताबिक बाढ़ से 50 अरब डॉलर से ज्‍यादा का नुकसान देश को झेलना पड़ा है। बाढ़ से हुई तबाही के बाद, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय लेनदारों ने भागीदारों ने 16.3 अरब डॉलर से करीब नौ अरब डॉलर का फंड देने का मन बनाया। इस फंड का प्रयोग पुनर्निर्माण जरूरतों को पूरा करने के लिए होना था। यूएन का कहना है कि ये फंड पाकिस्‍तान के कर्ज बोझ को बढ़ाएगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) के जम्मू-कश्मीर कांटेक्ट ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। न्यूयॉर्क में हुई इस…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कश्मीर पर बातचीत करने और…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। पीएम…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका, भारत और चीन, रूस पर दबाव डालें तो वह यूक्रेन में युद्ध जारी नहीं रख पाएगा। जेलेंस्की ने कहा…
 23 September 2026
इस्लामाबाद: भारत, आतंकवाद का हवाला देकर सिंधु जल संधि को एकतरफा सस्पेंड नहीं कर सकता है। ये कहना है विलेम वैन ड्यूरसेन का जो एक सीनियर डच इंडिपेंडेंट वॉटर मैनेजमेंट…
 23 September 2026
वॉशिंगटन: 23 सितम्बर को धरती पर एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसके चलते दिन और रात बराबर होंगे। इसे उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों की शुरुआत का संकेत…
 23 September 2026
संयुक्‍त राष्‍ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व भर के नेताओं से सुरक्षा परिषद में सुधार करने की जोरदार अपील की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि…
 23 September 2026
मॉस्को: रूसी तेल खरीदने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के 100 फीसदी टैरिफ को लेकर रूसी मीडिया ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और पश्चिमी देश 'भारत-रूस की दोस्ती तोड़ने की…
 22 September 2026
नई दिल्ली/तेल अवीव: पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की लड़ाई के दौरान भारत के खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद 21 सितंबर 1968 को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग…
Advt.