अमेरिका-तालिबान की डील:2 साल आतंकियों की कैद में रहा US इंजीनियर रिहा, बदले में अमेरिका ने खूंखार आतंकी छोड़ा

Updated on 21-09-2022 06:01 PM

अमेरिका और तालिबान की एक डील सामने आई है। इसके लिए कई महीनों से बातचीत जारी थी। डील को प्रिजनर एक्सचेंज यानी कैदियों की अदला-बदली कहा जा रहा है। एक अमेरिकी इंजीनियर दो साल से तालिबान की कैद में था। इसे तालिबान हुकूमत ने रिहा कर दिया है। बदले में अमेरिका ने तालिबान के खूंखार आतंकी, ड्रग स्मगलर और फाइनेंसर को रिलीज कर दिया।

खास बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद इस बारे में जानकारी दी। हालांकि, डीटेल्स देने से वो बचते रहे। तालिबान ने भी प्रिजनर एक्सचेंज की बात तो मानी, लेकिन वो तफ्सील देने से बचता रहा।

कौन हैं ये दो कैदी

अमेरिकी इंजीनियर, जिसे तालिबान ने रिहा किया, इसका नाम मार्क फ्रेरिक्स है। अमेरिका ने जिस तालिबानी को छोड़ा, उसका नाम हाजी बशीर नूरजी है। तालिबान और अमेरिका दोनों ने ही इस एक्सचेंज की पुष्टि कर दी है। हाजी बशीर कई साल से कंधार में ड्रग तस्करी कर रहा था। इसी काले कारोबार के चलते वो 1990 के आसपास बड़ा कारोबारी भी बन गया

दो साल तक चली बातचीत

कैदियों की अदला-बदली का सिलसिला दो साल चला। फ्रेरिक्स पहले US नेवी में थे। बाद में अफगानिस्तान में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने लगे। जनवरी 2020 में उन्हें तालिबान ने पकड़ लिया और बंधक बना लिया। इसके बाद से वो अफगानिस्तान की किसी जेल में थे।

दूसरी तरफ, बशीर नूरजी को ड्रग तस्करी के आरोपों में अमेरिका ने 2005 में गिरफ्तार किया था। उसे अमेरिका की किसी जेल में रखा गया था। 17 साल बाद उसे सौदेबाजी की तहत रिहाई मिली है।

दोनों सरकारों का रुख स्पष्ट नहीं

तालिबान के विदेश मंत्री मुत्तकी ने कहा- हम अमेरिका समेत किसी भी देश से बातचीत के लिए तैयार हैं। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक स्टेटमेंट में कहा- मार्क को लाना जरूरी था। ऐसे फैसले लेने में कठिनाई आती है। मैं इन चीजों को हलके में नहीं लेता।

बाइडेन चाहते है कि अफगानिस्तान में फंसे सभी अमेरिकी नागरिकों को जल्द से जल्द वापस लाया जाए। बाइडेन सरकार ने तालिबान से दोहा में 2020 में पीस एग्रीमेंट (शांति समझौता) किया था। इसमें तालिबान ने अमेरिका से सेना हटाने और अमन बहाली की मांग की थी।

अफगानिस्तान का पैसा वहां के लोगो के लिए खर्च करेंगे बाइडेन

तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद बाइडेन ने अफगानिस्तान के एसेट्स और फंड्स फ्रीज कर दिए थे। यह फंड्स और एसेट्स करीब 9 अरब डॉलर के हैं। इन फंड्स को बाइडेन ने स्विट्जरलैंड के एक ट्रस्ट में डाल दिया है। यह ट्रस्ट अफगानिस्तान के लोगों के लिए काम करेगा। इसमें तालिबान का कोई हिस्सा नहीं होगा। दूसरी तरफ, तालिबान चाहता था कि बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन यह फंड्स उनके हवाले कर दे। अमेरिका इसके लिए तैयार नहीं हुआ।

अमेरिका के और भी लोग तालिबान के राज में फंसे

अमेरिका के इंडिपेंडेंट फिल्मकार इवोन शेयरर भी तालिबान की कब्जे में है। वह काबुल में फिल्म बना रहे थे, तभी उन्हें और उनके अफगानी प्रोडूसर को बंदी बना लिया गया। अब अमेरिका इनकी रिहाई के लिए कोशिश करेगा।

दरअसल, पिछले महीने जब अमेरिका ने काबुल में अलकायदा सरगना अल जवाहिरी को मार गिराया था, तब से अमेरिका को डर था कि कहीं तालिबान उसकी कैद में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को न मार डाले। हालांकि, तालिबान ने ऐसा कुछ नहीं किया।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 March 2026
बेलग्रेड: यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच एक ऐसी तस्वीर आई है जिससे रूस बहुत परेशान होगा। सर्बिया के लड़ाकू विमान MiG-29 में चीनी CM-400AKG मिसाइलों को इंटीग्रेट देखा गया है।…
 11 March 2026
मॉस्को: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है। इसमें भी खास…
 11 March 2026
तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर है। इजरायली मीडिया में दावा किया है कि युद्ध के दौरान मोजतब खामेनेई घायल हो गए थे। हालांकि,…
 11 March 2026
शैलेंद्र पांडेय, तेहरान/नई दिल्‍ली: इसे डॉनल्ड ट्रंप की मासूमियत कह लीजिए या फिर नादानी कि उन्हें डिप्लोमेसी की मान्य भाषा नहीं आती। वह शब्दों को मर्यादा के कपड़े नहीं पहनाते, बस…
 11 March 2026
रियाद/अबू धाबी: होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की धमकियों के बीच खाड़ी में दो ऐसे पाइपलाइन हैं जिनसे दुनिया को तेल और गैस की सप्लाई हो सकती है। एक सऊदी अरब में…
 11 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच ईरान और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बात हुई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट के जरिए इसकी…
 11 March 2026
सियोल/वॉशिंगटन: ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की…
 09 March 2026
इस्लामाबाद/बीजिंग: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान अब अपने 80 फीसदी हथियार चीन से खरीदता है। SIPRI ने 2026 के लिए नई रिपोर्ट…
 09 March 2026
नेपाल में Gen-Z आंदोलन के बाद हुए संसदीय चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत दिया। इससे पहले 2006 की पहली जनक्रांति के बाद हुए…
Advt.